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Ichhapuran Balaji Temple, Sardarshaha
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About Ichhapuran Balaji Temple, Sardarshaha

Ichhapuran Balaji Temple, Sardarshahar – A Sacred Place of Devotion and Miracles

The Ichhapuran Balaji Temple in Sardarshahar, located in the Churu district of Rajasthan, is a divine and unique Hanuman temple. It is believed that every devotee who visits this temple with a sincere heart has their wishes fulfilled, which is why it is famously known as "Ichhapuran Balaji" (Wish-Fulfilling Balaji). Devotees come here to seek blessings, and Lord Hanuman showers his grace upon them.

History and Construction of the Temple
  • Establishment: The temple's idol was unveiled on February 13, 2005, and the temple was opened for public worship on the same day.
  • Founder: The temple was constructed under the patronage of Moolchand Vikas Kumar Malu, a resident of Sardarshahar.
  • Architectural Style: Built in Dravidian and South Indian architectural styles, the temple was crafted by skilled artisans from South India and West Bengal.
  • Idols: The temple also houses idols of Lord Ram and his family, along with Lord Ganesha.
  • Idol Design: The magnificent idol of Ichhapuran Balaji was designed by Prajapati Art from Jaipur.
  • Location: The temple is situated 8 km before Sardarshahar, along the Ratangarh-Ganganagar Highway.
A Unique Royal Idol of Balaji

One of the most distinctive features of this temple is that Lord Hanuman’s idol is seated like a king, blessing the devotees. According to priest Ghanshyam Birla, this is the only temple in the world where Balaji is enshrined in a royal court-like setting, in a posture of granting blessings. The temple’s architecture is a blend of Jaipur’s Birla Temple and Gujarat’s Somnath Temple, making it a marvel of religious artistry.

Temple Aarti & Darshan Timings
  • Mangala Aarti: 5:00 AM
  • Rajbhog Aarti: 11:00 AM
  • Evening Aarti: 6:00 - 7:00 PM
  • Bhog Aarti: 8:00 PM
  • Shayan Aarti: 9:00 - 9:15 PM
Annual Fair on Basant Panchami

Although devotees visit the Ichhapuran Balaji Temple throughout the year, the temple witnesses a grand annual fair on Basant Panchami. On this auspicious occasion, thousands of devotees gather to seek Balaji’s blessings. Additionally, Tuesdays and Hanuman Jayanti are also considered highly significant, drawing large crowds of devotees.

Distances from Major Cities

Delhi: 325 km
Jaipur: 225 km
Churu: 60 km

The Ichhapuran Balaji Temple is not just a place of worship but a symbol of faith and spirituality, offering divine peace and fulfillment to all who visit. Devotees leave with a sense of positivity, contentment, and the assurance that their wishes will come true.


इच्छापूर्ण बालाजी मंदिर, सरदारशहर – आस्था और चमत्कार का संगम

इच्छापूर्ण बालाजी मंदिर सरदारशहर, राजस्थान के चूरू जिले में स्थित एक अद्वितीय और दिव्य हनुमान मंदिर है। मान्यता है कि इस मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की हर मनोकामना पूरी होती है, इसलिए इसे "इच्छापूर्ण बालाजी" के नाम से जाना जाता है। यहाँ पर भक्तजन अपनी इच्छाओं की पूर्ति के लिए प्रार्थना करते हैं और बालाजी महाराज हर किसी की झोली खुशियों से भर देते हैं।

मंदिर का इतिहास और निर्माण
  • स्थापना: 13 फरवरी 2005 को प्रतिमा का अनावरण किया गया और उसी दिन मंदिर के दर्शन आम भक्तों के लिए खोले गए।
  • निर्माणकर्ता: मंदिर का निर्माण सरदारशहर के निवासी मूलचंद विकास कुमार मालू के सौजन्य से किया गया।
  • शिल्प शैली: दक्षिण भारतीय और द्रविड़ शैली में निर्मित इस मंदिर को पश्चिम बंगाल और दक्षिण भारत के कुशल कारीगरों ने तैयार किया।
  • मूर्तियाँ: मंदिर में भगवान राम परिवार और भगवान गणेश की मूर्तियाँ भी स्थापित हैं।
  • प्रतिमा डिजाइन: जयपुर के प्रजापति आर्ट द्वारा इच्छापूर्ण बालाजी की दिव्य प्रतिमा को डिजाइन किया गया।
  • स्थान: यह मंदिर रतनगढ़-गंगानगर हाईवे पर स्थित है और सरदारशहर से 8 किमी पहले आता है।
बालाजी की अद्भुत राजसी प्रतिमा

इस मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यहाँ हनुमानजी की प्रतिमा किसी राजा की तरह विराजमान है। मंदिर के पुजारी घनश्याम बिरला के अनुसार, यह दुनिया का इकलौता मंदिर है, जहाँ बालाजी राजशाही दरबार के रूप में विराजमान हैं और आशीर्वाद की मुद्रा में भक्तों को कृपा प्रदान कर रहे हैं। मंदिर की स्थापत्य कला में जयपुर के बिरला मंदिर और गुजरात के सोमनाथ मंदिर की झलक देखने को मिलती है।

मंदिर की आरती और दर्शन समय
  • मंगला आरती: सुबह 5:00 बजे
  • राजभोग आरती: सुबह 11:00 बजे
  • सांयकाल आरती: शाम 6:00 से 7:00 बजे
  • भोग आरती: रात 8:00 बजे
  • शयन आरती: रात 9:00 से 9:15 बजे
बसंत पंचमी पर वार्षिक मेला

मंदिर में पूरे वर्ष भक्तों का आना-जाना लगा रहता है, लेकिन बसंत पंचमी के अवसर पर यहाँ भव्य वार्षिक मेले का आयोजन किया जाता है। इस दिन लाखों श्रद्धालु बालाजी के दर्शन करने आते हैं। इसके अलावा, हर मंगलवार और हनुमान जयंती के दिन भी भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है।

मुख्य शहरों से मंदिर की दूरी

दिल्ली से दूरी: 325 किमी
जयपुर से दूरी: 225 किमी
चूरू से दूरी: 60 किमी

इच्छापूर्ण बालाजी मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि श्रद्धा और आस्था का प्रतीक है, जहाँ भक्तों को आत्मिक शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव होता है। यहाँ आने वाले श्रद्धालु सुख-समृद्धि और इच्छाओं की पूर्ति का आशीर्वाद लेकर लौटते हैं।

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