Katyayani Peeth in Vrindavan, located in Mathura district, Uttar Pradesh, is one of the 51 Shakti Peethas, also known as Uma Shakti Peeth. It is dedicated to Goddess Sati, who is worshipped here as Maa Katyayani or Uma, while Lord Shiva is worshipped as Bhotesh. According to belief, the ringlets of Goddess Sati's hair fell in this region, adding to the sacred significance of the temple.
This temple is not only a spiritual landmark but also a symbol of the enduring cultural consciousness of India. The Jyoti, or eternal flame, of the temple continues to burn, serving as a beacon of peace and harmony. The temple houses five distinct deity groups, each with its own revered mythology, including idols of Goddess Katyayani, Lord Shiva, Lord Laxmi Narayan, Lord Ganesh, and Lord Surya.
The temple is a sacred site, built after the completion of Sanatan Dharma rituals by Maha Pandits from Varanasi. It is a place of immense religious significance and a part of India's rich tradition of pilgrimage sites, known for its connection to Lord Krishna and the spiritual heritage of the country.
वृंदावन के कत्यायनी पीठ, जो उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में स्थित है, 51 शक्ति पीठों में से एक है, जिसे उमा शक्ति पीठ भी कहा जाता है। इस मंदिर में देवी सती की पूजा माँ कत्यायनी या उमा के रूप में की जाती है, जबकि भगवान शिव की पूजा भोतेश के रूप में की जाती है। मान्यता के अनुसार, देवी सती के बालों की लटें यहीं गिरने के कारण इस स्थल की विशेष धार्मिक महत्ता है।
यह मंदिर न केवल एक आध्यात्मिक स्थल है, बल्कि भारत की सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक भी है। मंदिर की ज्योति, या शाश्वत दीप, निरंतर जल रही है, जो दुनिया को शांति और सद्भावना का संदेश देती है। इस मंदिर में पांच अलग-अलग देवता समूहों की पूजा की जाती है, जिनमें देवी कत्यायनी, भगवान शिव, भगवान लक्ष्मी नारायण, भगवान गणेश और भगवान सूर्य के मूर्तियाँ शामिल हैं।
यह मंदिर सनातन धर्म की रस्मों के अनुसार वाराणसी के महा पंडितों द्वारा निर्मित किया गया था और यह एक अत्यधिक धार्मिक स्थल है। यह स्थल भारत की पवित्र परंपराओं और भगवान कृष्ण से जुड़ी धार्मिक धरोहर का हिस्सा है।