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Why Is This Digital Sanatan Dharma Platform Unique?

Bringing Temples To Your Home

Why Is This Digital Sanatan Dharma Platform Unique?

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Author 4 min
Mar 01, 2025

Today’s era is driven by technology, impacting every aspect of human life. Can Dharma remain untouched by this evolution? While Sanatan Dharma is eternal and unchanging, it is essential to expand its teachings and rituals globally using modern tools.

But what makes this platform unique from other digital services?

🔹 24x7 Live Pujas and Aartis – Devotees can now experience Mahakal’s Bhasm Aarti, Ganga Aarti, Kashi Vishwanath’s Mangala Aarti, darshans of Badrinath and Kedarnath, and other major temple rituals from their homes.
🔹 Live Discourses and Katha Streaming – Devotees can watch spiritual discourses from Jagadguru Rambhadracharya Ji, Bageshwar Dham, and other revered saints live, gaining deep insights into Dharma.
🔹 Easier Access to Sanatan Rituals – Many devotees living abroad are unable to perform ancestral rituals like Pitra Tarpan, Kaal Sarp Dosh Nivaran, horoscope matching, and Vastu consultations. This platform brings all these services to their doorstep.
🔹 Digital Archive of Vedas and Scriptures – For the first time, thousands of years of Rishi traditions will be digitally preserved. Anyone can now access and study Sanskrit shlokas, Dharmashastra, and other scriptures online.
🔹 Gurukul and Spiritual Education – The platform is planning an online Gurukul, where children and young minds can study the Vedas, Yoga, Ayurveda, and Sanatan scriptures.

Founder Shravan Mishra stated,
“We do not just want to teach Dharma; we want to make it an integral part of people’s lives. When Dharma is connected with modern technology, only then can Sanatan Dharma truly flourish.”


आज का युग तकनीक का है, और तकनीक ने हर क्षेत्र को प्रभावित किया है। तो क्या धर्म इस युग में पीछे रह सकता है? सनातन धर्म, जिसे शाश्वत और अपरिवर्तनीय माना जाता है, उसे भी समय के साथ अपनी शिक्षाओं और संस्कारों को विस्तृत करने की आवश्यकता है।

लेकिन प्रश्न यह है – यह मंच किसी भी अन्य डिजिटल सेवा से अलग क्यों है?

🔹 24x7 लाइव पूजा और आरती – अब श्रद्धालु महाकाल की भस्म आरती, गंगा आरती, काशी विश्वनाथ की मंगला आरती, बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम के दर्शन, एवं अन्य प्रमुख मंदिरों की पूजा घर बैठे कर सकते हैं।
🔹 ऑनलाइन कथा और प्रवचन – भक्त जगद्गुरु रामभद्राचार्य जी, बागेश्वर धाम, और अन्य संतों के प्रवचन लाइव देख सकते हैं और धर्म के गूढ़ रहस्यों को समझ सकते हैं।
🔹 सनातनी रीति-रिवाजों का पालन अब आसान – कई श्रद्धालु विदेशों में रहकर पितृ तर्पण, कालसर्प दोष निवारण, जन्मपत्री मिलान, वास्तु परामर्श और अन्य कर्मकांड नहीं कर पाते। यह मंच उन सभी को यह सेवाएँ उनके घर तक पहुँचाएगा।
🔹 वेद, उपनिषद और धर्मशास्त्रों का डिजिटलीकरण – अब हजारों वर्षों की ऋषि परंपरा को डिजिटल रूप में संरक्षित किया जाएगा। कोई भी व्यक्ति संस्कृत श्लोकों, धर्मशास्त्रों और ग्रंथों का अध्ययन इस मंच पर कर सकेगा।
🔹 गुरुकुल एवं आध्यात्मिक शिक्षा केंद्र – यह मंच भविष्य में ऑनलाइन गुरुकुल की भी योजना बना रहा है, जहाँ बच्चे और युवा वेदों, योग, आयुर्वेद, और अन्य शास्त्रों का अध्ययन कर सकेंगे।

संस्थापक श्री श्रवण मिश्रा ने कहा,
"हम धर्म को केवल पढ़ाने तक सीमित नहीं रखना चाहते, बल्कि उसे जीवन में अपनाने योग्य बनाना चाहते हैं। जब धर्म आधुनिक तकनीक से जुड़ेगा, तभी सनातन धर्म का सही प्रसार होगा।"

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