Maa Kushmanda, worshiped on the fourth day of Navratri, is believed to have created the universe with her divine smile. She symbolizes cosmic energy, radiance, and life-giving power. Her blessings bring strength, wisdom, and positivity, eliminating darkness and negativity from life.
Navratri, the nine-day festival of Goddess Durga, is a time of devotion and spiritual awakening. On the fourth day, devotees worship Maa Kushmanda, the goddess who is believed to have created the universe with her divine smile. She embodies the power of creation and radiates boundless energy, bringing light, vitality, and positivity to the world.
Maa Kushmanda is the fourth manifestation of Goddess Durga. The name Kushmanda is derived from three Sanskrit words:
Maa Kushmanda is worshiped to bring light, energy, and strength into life. Her devotees seek her blessings to eliminate darkness, confusion, and negativity from their minds.
Maa Kushmanda governs the Sun, which is the ultimate source of energy in the universe. It is believed that she resides in the core of the Sun, providing it with energy to sustain life. This connection signifies her immense power and ability to nurture and protect her devotees.
On the fourth day of Navratri, devotees perform special rituals to seek Maa Kushmanda’s divine blessings:
According to Hindu mythology, before the universe was created, there was complete darkness. When Maa Kushmanda smiled, her energy manifested the universe, bringing light and life into existence. She created the Sun, planets, stars, and all living beings. As the mother of creation, she continues to bless the universe with vitality and sustains all life forms.
Since Maa Kushmanda governs the Sun, her worship strengthens the Sun’s position in one’s horoscope, leading to success, leadership, confidence, and improved health. Her divine grace also helps in overcoming stress, fear, and negative energies.
Maa Kushmanda is the goddess of creation, energy, and vitality. By worshiping her with devotion, one can receive her divine blessings for a prosperous and positive life. She teaches us that even the smallest effort, when done with pure intentions, can lead to great accomplishments. May Maa Kushmanda bless us all with light, wisdom, and boundless energy. Jai Mata Di!
नवरात्रि, देवी दुर्गा को समर्पित नौ दिवसीय पर्व, भक्ति और आध्यात्मिक जागृति का समय होता है। नवरात्रि के चौथे दिन मां कूष्मांडा की पूजा की जाती है, जिन्हें सृष्टि की सृजनकर्ता माना जाता है। यह विश्वास किया जाता है कि उन्होंने अपनी दिव्य मुस्कान से ब्रह्मांड की रचना की। वे सृजन की शक्ति का प्रतीक हैं और अपनी दिव्य ऊर्जा से पूरे संसार को प्रकाश, जीवन और सकारात्मकता से भर देती हैं।
मां कूष्मांडा देवी दुर्गा के चौथे स्वरूप के रूप में पूजी जाती हैं। उनका नाम तीन संस्कृत शब्दों से मिलकर बना है:
मां कूष्मांडा का स्वरूप अत्यंत तेजस्वी और मनमोहक है।
मां कूष्मांडा की आराधना करने से व्यक्ति को प्रकाश, ऊर्जा और आत्मबल प्राप्त होता है। उनकी कृपा से नकारात्मकता और भय दूर होते हैं, और जीवन में सकारात्मक बदलाव आता है।
मां कूष्मांडा का संबंध सूर्य ग्रह से है, जो सम्पूर्ण ब्रह्मांड का ऊर्जा स्रोत है। ऐसा माना जाता है कि वे सूर्य के केंद्र में निवास करती हैं, और सूर्य को ऊर्जा प्रदान करती हैं। उनका यह स्वरूप दर्शाता है कि वे अनंत शक्ति की स्वामिनी हैं और अपने भक्तों को ऊर्जा, तेज और सुरक्षा प्रदान करती हैं।
नवरात्रि के चौथे दिन मां कूष्मांडा की पूजा विशेष रूप से की जाती है:
एक पौराणिक कथा के अनुसार, जब ब्रह्मांड में केवल अंधकार था, तब मां कूष्मांडा ने अपनी मुस्कान से इस सृष्टि की रचना की। उन्होंने सूर्य, ग्रह, तारे और समस्त जीवों की उत्पत्ति की। उनकी शक्ति से ही संपूर्ण ब्रह्मांड अस्तित्व में आया और जीवन चक्र प्रारंभ हुआ। वे सृजन की मूल शक्ति हैं और सम्पूर्ण ब्रह्मांड की पालनहार हैं।
चूंकि मां कूष्मांडा सूर्य ग्रह की अधिष्ठात्री देवी हैं, अतः उनकी पूजा करने से सूर्य ग्रह की स्थिति मजबूत होती है, जिससे व्यक्ति को सफलता, नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और स्वास्थ्य में लाभ प्राप्त होता है। उनकी कृपा से तनाव, भय और नकारात्मक ऊर्जाओं से मुक्ति मिलती है।
मां कूष्मांडा सृजन, ऊर्जा और जीवन शक्ति की देवी हैं। उनकी आराधना करने से व्यक्ति को प्रकाश, बुद्धि और आत्मबल प्राप्त होता है। वे हमें सिखाती हैं कि छोटे-छोटे प्रयास भी जब पूरी श्रद्धा से किए जाएं, तो बड़े परिणाम दे सकते हैं। मां कूष्मांडा की कृपा से सभी को जीवन में शक्ति, समृद्धि और सकारात्मकता प्राप्त हो। जय माता दी!