Pujapath Vedic Need Help? Chat with us
Need Help? Chat with us
image

Grand Launch of the World’s First Sanatan Dharma Digital Platform

Bringing Temples To Your Home

Grand Launch of the World’s First Sanatan Dharma Digital Platform

58
Author 4 min
Mar 01, 2025

For the first time in the history of Sanatan Dharma, a revolutionary digital platform has been launched to unite devotees worldwide with their religious traditions, prayers, and spiritual heritage.

This grand initiative was inaugurated by Jagadguru Swami Rambhadracharya Ji in Satna, Madhya Pradesh, in the presence of revered saints, Vedic scholars, and thousands of devotees.

What makes this initiative extraordinary is that now, no devotee—whether in a foreign land or a remote village—will ever feel disconnected from their faith.
🔸 Live Aarti Streaming – Devotees can now experience Mahakal’s Bhasm Aarti, Kashi Vishwanath’s Mangala Aarti, and sacred darshans of Shaktipeeths from their homes.
🔸 Expansion of Sanatan Knowledge – A digital archive of the Vedas, Puranas, Upanishads, and scriptures is being made available.
🔸 Religious Services – Devotees can now access Kundali matching, Vastu consultations, Shraddh rituals, and Sankalp Puja online.

At the inaugural ceremony, Founder Shravan Mishra stated,
“This is not just a website; it is a transformative step in the restoration of Sanatan Dharma. Our goal is to make the wisdom, services, and guidance of Dharma accessible to every Sanatani.”


सनातन धर्म के इतिहास में पहली बार, एक ऐसा डिजिटल मंच अस्तित्व में आया है, जो पूरे विश्व के भक्तों को धर्म, पूजा-पाठ, और आध्यात्मिक अनुष्ठानों से जोड़ने का दिव्य कार्य करेगा

इस महान पहल का शुभारंभ जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य जी के कर-कमलों द्वारा सतना (मध्यप्रदेश) में हुआ। इस शुभ अवसर पर देशभर से संतगण, वेदपाठी आचार्य, धर्मविद और हजारों श्रद्धालु इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बने।

इस मंच की विशेषता यह है कि अब कोई भी सनातनी, चाहे वह विदेश में हो या किसी सुदूर गाँव में, अपने धर्म से कभी भी अलग नहीं होगा।
🔸 लाइव आरती दर्शन – अब श्रद्धालु घर बैठे महाकाल की भस्म आरती, काशी विश्वनाथ की मंगला आरती, और अन्य शक्तिपीठों के पवित्र दर्शन कर सकते हैं।
🔸 सनातन ज्ञान का प्रसार – वेदों, पुराणों, उपनिषदों और धर्मशास्त्रों को एक डिजिटल पुस्तकालय के रूप में उपलब्ध कराया जा रहा है।
🔸 धार्मिक सेवाएँ – अब कुंडली मिलान, वास्तु परामर्श, श्राद्ध कर्म, संकल्प पूजा जैसी सेवाएँ डिजिटल रूप से उपलब्ध होंगी।

इस भव्य उद्घाटन समारोह में संस्थापक श्री श्रवण मिश्रा ने इस पहल के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा,
"यह केवल एक वेबसाइट नहीं है, यह सनातन धर्म की पुनर्स्थापना का एक युगांतकारी चरण है। हमारा लक्ष्य है कि हर सनातनी को धर्म का ज्ञान, सेवा और मार्गदर्शन सुलभ हो।"

Related