Dev Uthani Ekadashi — The Sacred Dawn of Auspicious Beginnings | Pujapathvedic Blog
Dev Uthani Ekadashi — The Sacred Dawn of Auspicious Beginnings

Dev Uthani Ekadashi — The Sacred Dawn of Auspicious Beginnings

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Happy Dev Uthani Ekadashi! On this divine day, Lord Vishnu rises from cosmic rest bringing blessings of harmony and success. Start your auspicious ceremonies today and discover the complete puja process with Pujapathvedic.com.

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Shivam Gangwar 5 min
Oct 28, 2025

🙏 देवउठनी एकादशी 2025: इतिहास, महत्व, पूजा-विधि और लाभ

भगवान विष्णु के जागरण का पावन पर्व, जो मंगल कार्यों की शुरुआत और तुलसी विवाह का प्रतीक है।

🌺 परिचय

देवउठनी एकादशी, जिसे देवोत्थान एकादशी या उच्छिष्ट एकादशी भी कहा जाता है, हिंदू धर्म का एक अत्यंत शुभ और महत्वपूर्ण पर्व है। यह कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को मनाया जाता है, जो चातुर्मास का समापन और मंगल कार्यों की शुरुआत का प्रतीक है। 2025 में देवउठनी एकादशी 1 नवंबर 2025 (शनिवार) को मनाई जाएगी। इस दिन भगवान विष्णु चार मास की योगनिद्रा से जागृत होकर संसार को मंगलमय आशीर्वाद देते हैं।

इस पावन अवसर पर भगवान विष्णु और माता तुलसी का पूजन किया जाता है, क्योंकि आज से ही सभी मांगलिक कार्य जैसे विवाह, मुहूर्त आदि की शुरुआत होती है। तुलसी विवाह का भी विशेष विधान है, जो वैवाहिक सुख और समृद्धि का प्रतीक है। यह पर्व न केवल धार्मिक, बल्कि सांस्कृतिक और आध्यात्मिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है। यदि आप संपूर्ण जानकारी, पूजन विधि और सही मार्गदर्शन प्राप्त करना चाहते हैं, तो जुड़िए Pujapathvedic.com से।

देवउठनी एकादशी हमें सिखाती है कि भक्ति और संयम से जीवन में सुख और शांति प्राप्त होती है।

Dev Uthani Ekadashi 2025
देवउठनी एकादशी का महत्व
  • भगवान विष्णु के जागरण से मंगल कार्यों की शुरुआत।
  • तुलसी विवाह से वैवाहिक सुख और समृद्धि।
  • विष्णु पूजन से मोक्ष और पुण्य की प्राप्ति।
  • परिवार में सुख-शांति और आध्यात्मिक उन्नति।

📜 देवउठनी एकादशी का इतिहास

देवउठनी एकादशी का इतिहास विष्णु पुराण और भागवत पुराण से जुड़ा है। चातुर्मास के दौरान भगवान विष्णु क्षीर सागर में योगनिद्रा में लीन रहते हैं। आषाढ़ शुक्ल एकादशी को वे निद्रा में जाते हैं और कार्तिक शुक्ल एकादशी को जागृत होते हैं। इस जागरण से देवता, ऋषि-मुनि और मानव जगत को आशीर्वाद मिलता है।

एक कथा के अनुसार, भगवान विष्णु ने अपनी शक्ति से चार मास की नींद ली ताकि राक्षसों का उत्पात कम हो। जागरण के बाद वे मंगल कार्यों का शुभारंभ करते हैं। तुलसी विवाह की परंपरा माता तुलसी और भगवान विष्णु के विवाह से जुड़ी है, जो वैवाहिक सुख का प्रतीक है। प्राचीन काल में, राजा-महाराजा इस दिन मंगल कार्य शुरू करते थे।

आज, यह पर्व तुलसी विवाह, विष्णु पूजा और मंगल मुहूर्तों के साथ मनाया जाता है।

🌟 देवउठनी एकादशी का महत्व

देवउठनी एकादशी का महत्व धार्मिक, आध्यात्मिक और सामाजिक दृष्टिकोण से है:

  • विष्णु जागरण: भगवान विष्णु के जागरण से मंगल कार्यों की शुरुआत और सुख-शांति।
  • तुलसी विवाह: वैवाहिक सुख, संतान प्राप्ति और पारिवारिक समृद्धि।
  • पुण्य प्राप्ति: विष्णु पूजन से मोक्ष और आध्यात्मिक उन्नति।
  • Social Unity: सामूहिक पूजा और विवाह उत्सव से समाज में एकता।
  • शुभ मुहूर्त: विवाह, गृह प्रवेश जैसे कार्यों का शुभ आरंभ।

यह पर्व भक्ति और समर्पण का महत्व सिखाता है।

🙌 देवउठनी एकादशी की पूजा-विधि

देवउठनी एकादशी की पूजा-विधि:

  • संकल्प: प्रातःकाल स्नान करें, स्वच्छ वस्त्र पहनें और संकल्प लें।
  • विष्णु पूजा: भगवान विष्णु की मूर्ति स्थापित करें। दीप, धूप, फूल, चंदन अर्पित करें। विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें।
  • Tulsi Puja: तुलसी को जल अर्पित करें, माला पहनाएं। तुलसी विवाह का आयोजन करें।
  • तुलसी विवाह: तुलसी को वरमाला पहनाएं, मंगल गीत गाएं।
  • मंत्र जाप: "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय" का जाप करें।
  • दान: ब्राह्मणों को दान दें।
  • नियम: शाकाहारी भोजन, पवित्रता।

पूजा में श्रद्धा रखें। पंडित की सहायता लें।

🎉 देवउठनी एकादशी के लाभ

देवउठनी एकादशी के लाभ:

  • विष्णु कृपा से सुख-शांति और समृद्धि।
  • तुलसी विवाह से वैवाहिक सुख।
  • पुण्य और मोक्ष प्राप्ति।
  • मंगल कार्यों में सफलता।
  • परिवारिक एकता।

🌼 निष्कर्ष

देवउठनी एकादशी 2025 विष्णु जागरण का पावन पर्व है। 1 नवंबर को विष्णु और तुलसी पूजन करें, तुलसी विवाह मनाएं और मंगल कार्य शुरू करें। यह पर्व सुख का संदेश देता है। 🙏 देवउठनी एकादशी की शुभकामनाएं! 🌸✨

ॐ नमो भगवते वासुदेवाय!


🙏 Dev Uthani Ekadashi 2025: History, Significance, Puja Rituals, and Benefits

The sacred festival marking Lord Vishnu's awakening, symbolizing the beginning of auspicious events and Tulsi Vivah.

🌺 Introduction

Dev Uthani Ekadashi, also known as Devotthan Ekadashi or Uchishta Ekadashi, is an extremely auspicious and important festival in Hinduism. It is observed on the Ekadashi tithi of the Shukla Paksha in Kartik month, marking the end of Chaturmas and the start of auspicious activities. In 2025, Dev Uthani Ekadashi will be celebrated on November 1, 2025 (Saturday). On this day, Lord Vishnu awakens from four months of Yog Nidra and blesses the world with auspiciousness.

On this sacred occasion, worship of Lord Vishnu and Mother Tulsi is performed, as all manglik Works like marriages, muhurats begin from today. Tulsi Vivah holds special importance, symbolizing marital happiness and prosperity. This festival is not only religious but also cultural and spiritual. For complete information, puja method, and proper guidance, connect with Pujapathvedic.com.

Dev Uthani Ekadashi teaches us that devotion and restraint bring happiness and peace to life.

Dev Uthani Ekadashi 2025
Significance of Dev Uthani Ekadashi
  • Lord Vishnu's awakening begins auspicious activities.
  • Tulsi Vivah brings marital happiness and prosperity.
  • Worship of Vishnu offers liberation and merit.
  • Family happiness and spiritual progress.
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📜 History of Dev Uthani Ekadashi

The history of Dev Uthani Ekadashi is linked to Vishnu Purana and Bhagavata Purana. During Chaturmas, Lord Vishnu rests in Yog Nidra on the Kshir Sagar. He enters sleep on Ashadha Shukla Ekadashi and awakens on Kartik Shukla Ekadashi. This awakening blesses gods, sages, and humans.

According to legend, Lord Vishnu slept for four months to reduce demons' tyranny. Upon awakening, He initiates auspicious activities. The Tulsi Vivah tradition is associated with the marriage of Mother Tulsi and Lord Vishnu, symbolizing marital bliss. In ancient times, kings began manglik works on this day.

Today, this festival includes Tulsi Vivah, Vishnu Puja, and auspicious muhurats.

📜 History of Dev Uthani Ekadashi

The history of Dev Uthani Ekadashi is linked to Vishnu Purana and Bhagavata Purana. During Chaturmas, Lord Vishnu rests in Yog Nidra on the Kshir Sagar. He enters sleep on Ashadha Shukla Ekadashi and awakens on Kartik Shukla Ekadashi. This awakening blesses gods, sages, and humans.

According to legend, Lord Vishnu slept for four months to reduce demons' tyranny. Upon awakening, He initiates auspicious activities. The Tulsi Vivah tradition is associated with the marriage of Mother Tulsi and Lord Vishnu, symbolizing marital bliss. In ancient times, kings began manglik works on this day.

Today, this festival includes Tulsi Vivah, Vishnu Puja, and auspicious muhurats.

🌟 Significance of Dev Uthani Ekadashi

The significance of Dev Uthani Ekadashi is religious, spiritual, and social:

  • Vishnu Awakening: Lord Vishnu's awakening begins auspicious works and brings peace.
  • Tulsi Vivah: Ensures marital happiness, progeny, and family prosperity.
  • Merit Attainment: Vishnu Puja offers liberation and spiritual growth.
  • Social Unity: Collective puja and wedding celebrations foster social harmony.
  • Auspicious Muhurat: Start of marriages, Griha Pravesh, etc.

This festival teaches the importance of devotion and surrender.

🙌 Dev Uthani Ekadashi Puja Rituals

The rituals for Dev Uthani Ekadashi:

  • Sankalp: Bathe in the morning, wear clean clothes, and take a vow.
  • Vishnu Puja: Install Lord Vishnu's idol. Offer lamps, incense, flowers, sandalwood. Recite Vishnu Sahasranama.
  • Tulsi Puja: Offer water to Tulsi, adorn with garland. Perform Tulsi Vivah.
  • Tulsi Vivah: Adorn Tulsi with vermilion, sing wedding songs.
  • Mantra Chanting: Chant "Om Namo Bhagavate Vasudevaya."
  • Charity: Donate to Brahmins.
  • Rules: Vegetarian meal, purity.

Maintain devotion in the puja. Seek a priest's help.

🎉 Benefits of Dev Uthani Ekadashi

Benefits of Dev Uthani Ekadashi:

  • Peace and prosperity from Vishnu's grace.
  • Marital happiness from Tulsi Vivah.
  • Merit and liberation.
  • Success in auspicious works.
  • Family unity.

🌼 Conclusion

Dev Uthani Ekadashi 2025 is the sacred festival of Vishnu's awakening. On November 1, worship Vishnu and Tulsi, perform Tulsi Vivah, and begin auspicious works. This festival brings happiness. 🙏 Dev Uthani Ekadashi greetings! 🌸✨

Om Namo Bhagavate Vasudevaya!



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